एक धरती • एक राष्ट्र • एक परिवार
Aanandi Kutumb Samruddh Gram Logo

हमारी कहानी

AKSG की यात्रा

जानें कि कैसे AKSG की शुरुआत हुई और कैसे यह विचार ग्राम स्व-शासन के सशक्त मॉडल के रूप में विकसित हुआ।

The Journey of AKSG village community

शुरुआत कैसे हुई

ग्राम-शहर पूरकता की परिकल्पना

आनंदी कुटुंब समृद्ध ग्राम (AKSG) कार्यक्रम की शुरुआत इस बोध से हुई कि आज की मानव सभ्यता की चुनौतियां (मानव-मानव संबंध और मानव-प्रकृति संबंध) केवल आंशिक ग्रामीण या शहरी विकास से हल नहीं हो सकतीं। शहर और गांव एक-दूसरे के पूरक हैं, प्रतिस्पर्धी नहीं।

मूल्य शिक्षा और उत्पादन स्थिरता को केंद्र में रखकर, AKSG ने मानवीय मूल्यों, सह-अस्तित्व, स्वास्थ्य सुरक्षा और न्यायपूर्ण समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए जाने वाले पांच आयामों की संरचना की। इस प्रयास का उद्देश्य ग्रामीण समाजों में स्व-शासन को सशक्त बनाना है ताकि समग्र कल्याण प्राप्त किया जा सके।

मुख्य मील के पत्थर

2020

नींव और परिकल्पना

आनंदी कुटुंब समृद्ध ग्राम की परिकल्पना की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्राम और शहर के बीच परस्पर पूरकता स्थापित करना था।

2021

प्रथम सहयोगी ग्राम चयन

अमरकंतक और निकटवर्ती क्षेत्रों में पहले सहयोगी ग्राम का चयन कर जैविक कृषि और मूल्य शिक्षा कार्यक्रमों की शुरुआत की गई।

2022

पांच आयामों का विस्तार

शिक्षा, स्वास्थ्य, उत्पादन, न्याय और विनिमय के पांच एकीकृत आयामों को कार्यक्रमों में व्यवस्थित रूप से शामिल किया गया।

2023

स्व-शासन और समृद्धि

ग्राम स्तर पर सामुदायिक भागीदारी और स्व-शासन समितियों का गठन किया गया, जिससे ग्रामीण आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ी।

2024

राष्ट्रव्यापी विस्तार

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विभिन्न सहयोगी संगठनों के साथ जुड़कर 50 से अधिक गांवों तक यात्रा पहुंची।