
01. योगेश शास्त्री
मैकेनिकल इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त करने के बाद योगेश शास्त्री ने 1990 के दशक में जमीनी स्तर पर ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कार्य करना शुरू किया। उन्होंने चित्रकूट क्षेत्र में दीनदयाल शोध संस्थान के साथ जलागम प्रबंधन और आदर्श ग्राम विकास की गतिविधियों में योगदान दिया।
वर्ष 2004–05 से वे मध्यस्थ दर्शन के अध्ययन और अध्यापन से जुड़े हुए हैं। वे परदा, बुलढाणा स्थित मानवीय शिक्षा शोध केंद्र से संबद्ध हैं, जहाँ उन्होंने अनेक जीवन विद्या शिविरों का संचालन किया है।
AKSG में योगदान: मूल्य शिक्षा, ग्राम विकास तथा शैक्षणिक कार्यक्रमों को सामुदायिक स्तर की गतिविधियों से जोड़ना।




